Indicators on 2️⃣ Court Case & Legal Matter You Should Know

ऐसा करके वे माता से शांति की प्रार्थना कर सकते हैं.

फूल, कपूर, अगरबत्ती, ज्योत के साथ पंचोपचार पूजा करें।

नोट : उपरोक्त में से किसी एक मंत्र का ही प्रयोग करें।

यह समय साधक को आध्यात्मिक शक्ति और आत्मविश्वास प्रदान करता है।

हर दिन अलग-अलग देवी का आह्वान और मंत्र जाप करें।

बगलामुखी : ॐ ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय, जिव्हा कीलय, बुद्धिं विनाश्य ह्लीं ॐ स्वाहा:।

डॉ. कुणाल कुमार झा ने बताया कि इस नवरात्रि में साधक लोग पूरे विश्व के भले के लिए साधना करेंगे, जिससे अच्छा फल मिले. यह नवरात्रि तंत्र साधकों के लिए खास मानी जाती है, check here जो अपनी तंत्र साधना को दूसरों से छिपाकर करते हैं.

ॐ नमो काली कंकाली महाकाली मुख सुन्दर जिह्वा वाली,

दुर्गा सप्तशती, देवी स्तोत्र या महालक्ष्मी मंत्र का पाठ करें।

कलश स्थापना कब होगी, भगवती की विदाई किस दिन है? जानते हैं एक्सपर्ट से.

साधक को मनोवांछित सिद्धियां और फल प्राप्त होते हैं।

मां दुर्गा की प्रतिमा को लाल रंग के वस्त्र में सजाएं।

कलश को मिट्टी के पात्र के बीच में स्थापित करें।

* बिजनेस आदि में आ रही परेशानियों को दूर करती हैं।

छिन्नमस्ता : श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं वज्रवैरोचनीयै हूं हूं फट् स्वाहा:।

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